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Wednesday, June 11, 2014

सपने

सपने हम सब देखा करते हैं कुछ करने के, कुछ पाने के कुछ आशाएँ हैं, कुछ उम्मीदें हैँ और कुछ कर गुज़रने की ख्वाइशें हैं   सपना  क्या है?सपना है एक एहसास, ये है एक तमन्नाये है एक आरज़ू, मुश्किल हो सकता है जिसे समझना सपना है एक ऐसी धरोहर, जो सबके पास है जिसमे एक गहरा एहसास है न कोई बंदिश, न कोई टकराव बस एक प्यारा सा सहलाता साथ   हम सबको तलाश है एक मंज़िल की जो चाहे कितनी दूर हो सपने में पास लगती है  सपनों की कोई सीमा नहीं ये वो लहरें हैं, जिन्हें हर वक़्त साहिल की तलाश है ये वो पंछी हैं जिन्हें क्षितिज कोछू जाने की आस है   लेकिन  कुछ सपने टूट जाते हैं चूर होकर बिखर जाते हैं लेकिन कुछ तो हैं जो मंज़िल पाते हैं जीतने का उत्साह बढ़ाते हैं 
तभी सपने हमारे उम्र भर के साथी हैं बिखर कर के भी कुछ सिखाते हैं इसलिए ऐ दोस्त हारना न कभी थकना न कभी और सपने देखना भूलना न कभी क्यूंकि सपने इस ज़िन्दगी की अनोखी पहेली की नींव हैं वो ज़िन्दगी का प्रतिबिंब हैं

 

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