निर्भया तुम निर्भय नहीं निर्भयता की मशाल हो
तुम १६ दिसंबर की रात, चली थी बस में हो सवार
अपनी ज़िन्दगी सुकून में जी रही थी,
सुनहरे सपने आँखों में पिरो रही थी
अचानक ज़िन्दगी का पलड़ा पलटा
संसार से बिदाई का समय आ थमका
ये बिदाई भी तारों की छाओं में थी
लेकिन शहनाई और सारंगी नहीं
सिसकियाँ और तन्हाई ही थी
रावण के भेस में राम सिंह ने '
अपनी सेना साथ
तुमपे किया निर्लज हो प्रहार
तुम राक्षस सेना से झूँझथि रही
चीखती रही, बिलखती रही
वो सिसकियाँ उन कानों से अनसुनी रह गयी
तुम्हारी हालत देख भयभीत ये दुनिया
शर्म से झुख गयी और
तुम्हें निर्भया पुकार कृतज्ञ कर गयी??
निर्भया मैं जानती हूँ तुम्हारा भी सपना था
लाल रक्त में नहीं लाल जोड़े में विदा होना था
निर्भया तुम निर्भय नहीं निर्भयता की मशाल हो
तुम्हारे जाने के बाद, दिल्ली की सड़के हैवानी लगती हैं
आज हूँ कल नहीं, ये अब रोज़ की परेशानी लगती है
कल तक लड़की होने पे गरूर करती थी
आज लेकिन इस रूख में भयभीत रहती हूँ
निर्भया मेँ चाहूँ भी तो तुमको निर्भया नहीं कह सकती
क्यूंकि तुम किसी युद्धभूमि में नहीं उतरी थी
ये नाम अमानत नहीं,ठहरे हुए समय की माँग थी
निर्भया तुम निर्भय नहीं निर्भयता की मशाल हो
हाँ निर्भया तुम निर्भय नहीं निर्भयता की मशाल हो
तुम १६ दिसंबर की रात, चली थी बस में हो सवार
अपनी ज़िन्दगी सुकून में जी रही थी,
सुनहरे सपने आँखों में पिरो रही थी
अचानक ज़िन्दगी का पलड़ा पलटा
संसार से बिदाई का समय आ थमका
ये बिदाई भी तारों की छाओं में थी
लेकिन शहनाई और सारंगी नहीं
सिसकियाँ और तन्हाई ही थी
रावण के भेस में राम सिंह ने '
अपनी सेना साथ
तुमपे किया निर्लज हो प्रहार
तुम राक्षस सेना से झूँझथि रही
चीखती रही, बिलखती रही
वो सिसकियाँ उन कानों से अनसुनी रह गयी
तुम्हारी हालत देख भयभीत ये दुनिया
शर्म से झुख गयी और
तुम्हें निर्भया पुकार कृतज्ञ कर गयी??
निर्भया मैं जानती हूँ तुम्हारा भी सपना था
लाल रक्त में नहीं लाल जोड़े में विदा होना था
निर्भया तुम निर्भय नहीं निर्भयता की मशाल हो
तुम्हारे जाने के बाद, दिल्ली की सड़के हैवानी लगती हैं
आज हूँ कल नहीं, ये अब रोज़ की परेशानी लगती है
कल तक लड़की होने पे गरूर करती थी
आज लेकिन इस रूख में भयभीत रहती हूँ
निर्भया मेँ चाहूँ भी तो तुमको निर्भया नहीं कह सकती
क्यूंकि तुम किसी युद्धभूमि में नहीं उतरी थी
ये नाम अमानत नहीं,ठहरे हुए समय की माँग थी
निर्भया तुम निर्भय नहीं निर्भयता की मशाल हो
हाँ निर्भया तुम निर्भय नहीं निर्भयता की मशाल हो